Waqt

राह चलते वक़्त से मुलाक़ात हो गई,
दिल किया कि कुछ तोहफे दे दूँ,
जेबों में हाथ डाला तो बस लम्हों को पाया,
कुछ हँसी के, कुछ गम के,
कुछ सुख के, कुछ रम के,
वक़्त ने कहा रख ले इन्हे अपने पास,
इन लम्हों में ही तेरी ज़िन्दगी है,
पहली नौकरी कि ख़ुशी, पहले प्यार का एहसास,
माँ बाप के आँखों में खुशियों कि बरसात,
जब तुम बूढ़े हो जाओगे,
जब दुनिया में तुम्हारी जरुरत कम होगी,
तब यही लम्हे तुम्हारे जीने का सहारा होंगी।

Copyright © 2017, Aashish Barnwal, All rights reserved.

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